रोज़ की आम बातों में कुछ बातें ऐसी होती है जो हम बताना , जताना , छिपाना , सहेजना या भूलना चाहते हैं। शायद कल जिन बातों पर रो रहे थे उन्हें सोच कर आज हम मुस्कुरा उठे , या कल जो ख़ुशी के पल थे उनकी यादें आँखों में पानी ले आये , कल जिस चीज़ पर गुस्सा आया था आज वो सीख बन जाए , कल जो गलती थी आज वो अनुभव बन जाए। बीते लम्हों को सहेजना का सबसे प्यारा तरीका है उन्हें कलमबद्ध करना और प्यारी चीज़ों से प्यार करना चाहिए , है न !!!